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चेहरे में तेरे खुद को मैं ढूँढू आँखों के दरमियाँ तू अब है इस तरह ख़्वाबों को भी जगह ना मिले ये मौसम की बारिश ये बारिश का पानी ये पानी की बूँदें तुझे ही तो ढूँढे ये मिलने की ख्वाहिश ये ख्वाहिश पुरानी हो पूरी तुझी से मेरी ये कहानी mr.villan ji:: .. deep ji : gud ji tusi dso |
| Answer» MARK me as BRAINLIEST | |