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Answer» जीवन-परिचय-कृष्णभक्त कवियों में मीराबाई का नाम सर्वोच्च स्थान पर है। मीरा का जन्म राजस्थान में मेड़ता कं निकट कुड़की ग्राम के प्रसिद्ध राज परिवार में 1498 ई. में हुआ था। ... मीरा बाल्यकाल से ही कृष्णा भक्ति में लीन रहती थी, पर पति की मृत्यु के बाद तो मीरा ने अपना सारा जीवन कृष्ण- भक्ति में ही लगा दिया।Explanation:वे अपने मांता पिता की इकलौती संतान थी। ऐसा कहा जाता है कि जब मीराबाई बहुत छोटी थी तो उनकी मां ने हसी हसी में श्रीकृष्ण को यूं ही उनका दूल्हा बता दिया। इस बात को मीराबाई सच मान गई। उन पर इस बात का इतना असर हुआ कि वह श्रीकृष्ण को ही अपना सब कुछ मान बैठी और जीवनभर कृष्ण भक्ति करती रहीं। |
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