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पठित पद्यांश: 1. एक मनुज संचित करता है, जो अर्थ पाप के बल से, और भोगता उसे दूसरा, (Spm) भाग्यवाद के छल से । अर्थ कौन संचित करता है ? जवान अ. ज. अर्थ आ. एक मनुज क्या संचित करता है ? ( जिना इ. मनुज अर्थ किसके बल से संचित करता है? 15 kr 5 or गाना काका ई. दूसरा मनुष्य किसके छल से धन भोगता है ? IFE PREFER |
| Answer» MUJE NAHI PATA SORRY so sorry | |