Saved Bookmarks
| 1. |
5x1-SMलिखिए।तेरी आँखों में तैरते ये समुंदर वे आसमान के अक्समैंने देख लिए है माँजा सकती हूँ मैं दूर-पारउस झिलमिलाती दुनिया मेंला सकती हूँ वहाँ से चमकीले टुकड़े तेरे सपनों के,समुंदर की लहरों के थपेड़ों में दूँट सकती हूँ मैंमोती और सीपी और नाविकों के किस्से।कर सकती हूँ माँ, मैं सब-कुछ जो रोशनी-सा चमकीलारंगों-सा चटकीला हो, पर आने तो ३,डर मत माँमुझे आने दे।1. इस पद्यांश के कवयित्री का नाम क्या है?2. लड़की दूर-पार क्यों जाना चाहती है?J. माँ के डरने का कारण क्या है?4. उपर्युक्त पद्यांश किस कविता से लिया गया है?5. लड़की को दुनिया में आने से कौन रोक रहा है?11 निम्न प्रश्नों के उत्तर लिखिए।माँ के लिए बेटी क्याक्या करना चाहती है?कवयित्री "मृदुल जोशी" का परिचय दीजिए।7.IL निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लिखिए।Ix4mMहमारे समाज में लड़कियों को समानता का अधिकार नहीं मिल रहा है। इनके कारणों पर प्रकाशडालिए।1x5-5MIV निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लिखिए।."बेटी बचा 15, बेटी पढ़ाओ" इस विषय पर नारे लिखिए।9.Activ |
|
Answer» तेरी आँखों में तैरते ये समुंदर वे आसमान के अक्स
है माँ जा सकती हूँ मैं दूर-पार उस झिलमिलाती दुनिया में ला सकती हूँ वहाँ से चमकीले टुकड़े तेरे सपनों के, समुंदर की लहरों के थपेड़ों में दूँट सकती हूँ मैं मोती और सीपी और नाविकों के किस्से। कर सकती हूँ माँ, मैं सब-कुछ जो रोशनी-सा चमकीला रंगों-सा चटकीला हो, पर आने तो ३, डर मत माँ
|
|