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1. गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर देशवासियों के लिए संदेश लिखिए-​

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26 जनवरी है और पूरा देश पूरे जोश के साथ गणतंत्र दिवस मनाएगा। राजपथ पर भव्य  गणतंत्र दिवस समारोह में देश की सैन्य ताकत दिखाई देगी। परेड में देश की सांस्कृतिक विविधता में एकता, अखंडता की झलक दिखाई देगी। न सिर्फ राजपथ, बल्कि विभिन्न स्कूल, कॉलेजों और सरकारी कार्यालयों में ध्वाजारोहण एवं राष्ट्रगान होगा। आज के दिन अपनी जान की कुर्बानी देकर देश को आजाद करवाने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को याद करना बेहद जरूरी है। भारत को एक आजाद देश बनाने के लिए इन लोगों ने अंग्रेजों के खिलाफ लगातार लड़ाई लड़ी। हम इन सभी स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को भूल नहीं सकते। यह किसी धर्म विशेष का नहीं बल्कि पूरे देश का पर्व है। (ऐ मेरे वतन के लोगों तुम खूब लगा लो नारा ये शुभ दिन है हम सब का लहरा लो तिरंगा प्यारा पर मत भूलो सीमा पर वीरों ने है प्राण गंवाए कुछ याद उन्हें भी कर लो जो लौट के घर न आये…) लंबे समय तक हमारी मातृभूमि भारत पर ब्रिटीश शासन का राज रहा है। और भारत के लोगों ने सालों तक गुलामी की है। जिसके कारण भारत के लोगों को ब्रिटीश शासन द्वारा बनाये गये कानूनों का पालन करना पड़ता था। लंबे संघर्ष के बाद भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों ने अंतत: 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी दिलाई। आजादी के लगभग ढाई साल बाद यानी कि 26 जनवरी 1950 को भारत देश ने अपना संविधान लागू कर दिया। और भारत ने खुद को एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रुप में घोषित कर दिया। भारतीय संविधान को हमारी संसद ने लगभग 2 साल 11 महीने और 18 दिनों के बाद 26 जनवरी 1950 को पास किया गया। भारत ने खुद को संप्रभु, लोकतांत्रिक, गणराज्य घोषित कर दिया। जिसके बाद 26 जनवरी को भारत के लोगों द्वारा गणतंत्र दिवस के रुप में मनाया जाने लगा। आजादी के बाद एक ड्राफ्टिंग कमेटी को 28 अगस्त 1947 की मीटिंग में भारत के स्थायी संविधान का प्रारुप तैयार करने के लिए कहा गया था। डॉ बी.आर.अंबेडकर की अध्यक्षता में 4 नवंबर 1947 को भारतीय संविधान के प्रारुप को सदन में रखा गया। लगभग तीन साल का समय लगने के बाद ये पूरी तरह से तैयार हो पाया था। और आखिरकार इंतजार की घड़ी 26 जनवरी 1950 को खत्म हो गई। और इसको लागू कर दिया गया।



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