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Answer» 1960 के दशक को खतरनाक दशक कहे जाने के कारण- ⦁ सन् 1958 में बार्लिन की दीवार के निर्माण की वजह से जर्मन, शेष यूरोप तथा महाशक्तियों के नेतृत्व में विभक्त विश्व के दोनों गुटों में तनाव और अधिक बढ़ा। ⦁ 1960 के दशक के प्रारम्भ में ही कांगो सहित अनेक स्थानों पर प्रत्यक्ष रूप से मुठभेड़ की स्थिति पैदा हो गई। यह संकट और अधिक विकराल होता चला गया क्योंकि दोनों गुटों में से कोई भी पक्ष पीछे हटने हेतु सहमत नहीं था। ⦁ 1960 के दशक में कोरिया, वियतनाम तथा अफगानिस्तान इत्यादि में व्यापक स्तर पर जनहानि हुई थी। अनेक बार महाशक्तियों के बीच राजनीतिक वार्ताएँ भी नहीं हुईं जिससे दोनों के बीच गलतफहमियों की खाई और गहरी हो गई। ⦁ सन् 1962 तथा 1965 में भारत पर क्रमश: चीन तथा पाकिस्तान द्वारा हमला किया गया। ⦁ सन् 1961 में क्यूबा में अमेरिका द्वारा प्रायोजित ‘बे ऑफ पिग्स’ आक्रमण किया गया। ⦁ सन् 1965 में डोमिनियन रिपब्लिक में अमेरिकी हस्तक्षेप की वजह से अन्तर्राष्ट्रीय तनाव में वृद्धि हुई। ⦁ सन् 1968 में चेकोस्लोवाकिया में सोवियत संघ ने हस्तक्षेप किया था।
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