1.

2.सूर्यातप या आतपन को परिभाषित किजिए।​

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Answer:

सूर्यातप सूर्य की किरण का वह भाग है जो पृथ्वी को प्राप्त होता है। इसको निम्नलिखित प्रकार से समझ सकते हैं। लघु तरंगों के रूप में आने वाली सूर्य की किरणें जो 3 लाख किलो मीटर/सेकण्ड या 1 लाख 86 हजार मील से0 की गति से पृथ्वी की सतह पर पहॅुचती है सूर्यातप कहलाती है। इसी को सौर्य ऊर्जा या सौर्यिक विकिरण कहतें हैं।

सूर्य के केन्द्रीय भाग में निरंतर नाभकीय संलयन की चलती रहती है । जिससे आपर ऊर्जा मुक्त होती है । सूर्य अपनी इस ऊष्मा / ऊर्जा को लगातार में विकसित करता रहता है । पृथ्वी तक यह विकिरण के रूप में पहुंचता है । इसे ही सूर्यातप या आतपन / सौर विकिरण कहते है ।

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