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3. इन पंक्तियों के भावार्थ लिखिए-(क) उनकी गाथा पर निशीथ में,क्षुद्र जंतु ही गाते।(ख) यहाँ निहित है स्वतंत्रता की,आशा की चिनगारी।​

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➲  यह दोनों पंक्तियां कवयित्री सुभद्रा कुमारी चौहान द्वारा रचित काव्य संग्रह धारा ‘त्रिधारा’ ली गई है, इन पंक्तियों के माध्यम से कवयित्री ने रानी लक्ष्मी बाई के बलिदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उनको भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की है। और उनकी समाधि का महत्व बताया गया है।(क) उनकी गाथा पर निशीथ में, क्षुद्र जंतु ही गाते। व्याख्या ➲  कवयित्री कहती हैं कि इस संसार में रानी लक्ष्मी बाई की समाधि से भी सुंदर अनेक समाधिया बनी हुई है, लेकिन उनका महत्व रानी लक्ष्मी बाई की समाधि से बेहद कम है। इन समितियों पर क्षुद्र जंतु जैसे छिपकली, बिच्छू, कीड़े-मकोड़े आदि मिलेंगे, क्योंकि ऐसी समाधिया उपेक्षित हैं। लेकिन रानी लक्ष्मी बाई की समाधि अमर है, जिस पर श्रद्धा सुमन चढ़ाने लोग आते रहते हैं, और उनके शौर्य की गाथा गाते रहते हैं। (ख) यहाँ निहित है स्वतंत्रता की, आशा की चिनगारी।​व्याख्या ➲ कवयित्री कहती हैं कि रानी लक्ष्मी बाई की समाधि हमें इसलिए अधिक प्रिय है क्योंकि इस समाधि में स्वतंत्रता प्राप्ति की स्वतंत्रता को प्राप्त करने के लिए आशा की एक चिंगारी छुपी हुई है यह चिंगारी जो पराधीनता से पहले अंधकार से हमें मुक्त करने के लिए आग के रूप में फेल कर देशवासियों को प्रेरणा प्रदान करेगी ○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○○



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