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आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के गुणों को लिखिए।याआनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के पक्ष में दो तर्क दीजिए।

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आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के गुण
आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली व्यवस्थापक मण्डल में अल्पमतों को प्रतिनिधित्व प्रदान करने का एक सरल उपाय है। इस प्रणाली के प्रमुख गुण निम्नलिखित हैं-

⦁    सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व – यह प्रणाली प्रत्येक दल को उसकी शक्ति के अनुपात में ही प्रतिनिधित्व प्रदान करती है। इस प्रकार व्यवस्थापिका लोकमत का यथार्थ प्रतिबिम्ब बन जाती है।
⦁    बहुमत की निरंकुशता का भय नहीं – आनुपातिक प्रतिनिधित्व के अन्तर्गत व्यवस्थापिका में साधारणतया किसी एक दल का स्पष्ट बहुमत नहीं हो पाता। इस प्रकार यह प्रणाली अल्पमत दलों को बहुमत दल के अत्याचारों से सुरक्षित करके शासन में उचित रूप से भाग लेने की क्षमता प्रदान करती है।
⦁    राजनीतिक शिक्षा की व्यवस्था – आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली नागरिकों को राजनीतिक शिक्षा भी प्रदान करती है, क्योंकि मतदाताओं के लिए अपना मत देने से पहले विभिन्न उम्मीदवारों तथा विभिन्न दलों की नीतियों के विषय में विचार करना आवश्यक हो जाता है।
⦁    कोई मत व्यर्थ नहीं जाता – यह प्रणाली मताधिकार को सार्थक एवं व्यावहारिक बनाती है, क्योंकि इसमें प्रत्येक मतदाता को अनेक उम्मीदवारों में से कुछ उम्मीदवारों को चुनने की स्वतन्त्रता होती है। इसमें किसी मतदाता का मत व्यर्थ नहीं होता है, उससे किसी-न-किसी उम्मीदवार के निर्वाचन में सहायता अवश्य मिलती है। शुल्ज के अनुसार-“एकल संक्रमणीय मत प्रणाली निर्वाचकों को अपनी पसन्द के उम्मीदवार चुनने में सबसे अधिक स्वतन्त्रता प्रदान करती है।”
⦁    व्यवस्थापिका का उच्च स्तर – आनुपातिक प्रणाली के अन्तर्गत निर्वाचकगण उच्च आचरण एवं स्वतन्त्र विचार वाले हो सकते हैं। परिणामस्वरूप उनके प्रतिनिधि स्वतन्त्र रूप से चुने जाएँ और व्यवस्थापिका का स्तर उच्च हो, ऐसी आशा की जा सकती है।
⦁    अधिक लोकतान्त्रिक – बहुत-से विद्वान इस पद्धति को अधिक लोकतान्त्रिक मानते हैं, क्योंकि इससे सभी वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व प्राप्त होता है। लॉर्ड एक्टन के शब्दों में-“यह पद्धति अत्यधिक लोकतान्त्रिक है…………”



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