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आपने की हुई अपनी यात्रा/प्रवास का वर्णन करते हुए अपने मित्र को पत्र लिखिए। |
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Answer» रमेश पुरोहित 4/आकाशगंगा, डेरी रोड, राजकोट। 27 - 12 - 2013 प्रिय मित्र हितेश, जयहिंद। तुम्हारा पत्र तीन दिन पहले आया था, लेकिन मैं कन्याकुमारी के प्रवास में था और कल ही लौटा हूँ। कन्याकुमारी भारत का प्रसिद्ध तीर्थस्थान है। यह तमिलनाडु राज्य में भारत के एकदम दक्षिणी सिरे पर स्थित है। हम दादर-मद्रास एक्सप्रेस ट्रेन से चेन्नई पहुँचे। हम वहाँ के ‘मीनाक्षी’ हॉटल में ठहरे। वहाँ दिसंबर महीने से ही काफी ठंड पड़ने लगती है। दूसरे दिन हम एस. टी. बस द्वारा कन्याकुमारी की ओर चल पड़े। सारा मार्ग नारियल के वृक्षों से भरा हुआ है। हरियाली देखकर मन झूम उठता है। कन्याकुमारी एक छोटा-सा कस्बा है। हमने शाम के समय समुद्र-तट पर भारी भीड़ देखी। लोग वहाँ का सूर्यास्त देखने के लिए एकत्र हुए थे। सूर्य का वैसा भव्य रूप मैंने पहले कहीं नहीं देखा। अगले दिन कन्याकुमारी का प्राचीन मंदिर और विवेकानंद शिलास्मारक देखा। विवेकानंद की सुंदर मूर्ति दर्शनीय है। हमने कन्याकुमारी के बाजार से शंख और सीपों से बनी हुई कुछ वस्तुएँ और अलबम खरीदे। कुछ चित्र मैं तुम्हें भेज रहा हूँ। शेष कुशल है। अपने माता-पिता से मेरा प्रणाम कहना। तुम्हारा मित्र, विनय। |
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