Saved Bookmarks
| 1. |
‘आत्मपरिचय’ में कवि का यह कथन ‘शीतल वाणी में आग लिए फिरता हूँ’ का विरोधाभास स्पष्ट कीजिए। |
|
Answer» यद्यपि आग और शीतलता परस्पर विरोधी हैं, किन्तु कवि को आशय है कि उसकी शांत, शीतल वाणी वाली कविता में, उसके हृदय की व्यथा की आग छिपी है। |
|