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अच्छा गृह प्रबन्धक बनने के लिए अपने में क्या सुधार लाये जा सकते हैं ?

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गृह प्रबन्धक, गृह व्यवस्था का धुरा होता है। घर की पूरी व्यवस्था उसके इर्द-गिर्द घूमती है। पारिवारिक लक्ष्यों की पूर्ति और घर की खुशहाली, सुख-शान्ति उसकी योग्यता पर ही निर्भर करती है। ग्रहणशीलता अर्थात् वातावरण के अनुसार अपने आपको ढालना, घर की आवश्यकताओं के अनुसार अपनी कमज़ोरियों को दूर करना अच्छे गृह प्रबन्धक की निशानियां हैं। 

अच्छे गृह प्रबन्धक को अपने आप में निम्नलिखित सुधार लाने चाहिएं —

1. ज्ञान को बढ़ाना- ज्ञान एक बहुत ही अनमोल मानवीय स्रोत है और ज्ञान प्राप्त करने से ही व्यक्ति समझदार और योग्य बनता है। गृह प्रबन्ध के मसले में ज्ञान का बहुत महत्त्व है। एक अच्छी गृहिणी, घर से सम्बन्धित मामलों में हर समय जानकारी प्राप्त करने के लिए तैयार रहती है। आजकल विज्ञान का युग है और समाज में बहुत तेजी से परिवर्तन आ रहे हैं।
कपड़े, भोजन, स्वास्थ्य, वैज्ञानिक उपकरणों के बारे में ज्ञान होना गृह प्रबन्धक की आवश्यकता है। इसलिए अच्छे गृह प्रबन्धक को अपने ज्ञान का स्तर बढ़ाना चाहिए।

2. कार्य में कुशलता प्राप्त करनी- कार्य में कुशलता एक सफल गृहिणी का महत्त्वपूर्ण गुण है। घर के कार्य ऐसे होते हैं जिनमें कुशलता प्राप्त करने के लिए गृहिणी को लगातार मेहनत करने की आवश्यकता पड़ती है। जैसे पौष्टिक और स्वादिष्ट खाना प्रत्येक घर की आवश्यकता है। समझदार गृहिणी अपनी कोशिश से बढ़िया खाना बनाना सीख सकती है। इस तरह घर के अन्य कार्य जैसे कपड़े सिलना, वैज्ञानिक उपकरणों का सही प्रयोग, घर की सफ़ाई आदि में प्रत्येक गृहिणी को कुशलता प्राप्त करनी चाहिए।

3. सामाजिक और नैतिक गुणों का विकास करना- परिवार समाज की एक प्रारम्भिक इकाई है। कोई भी परिवार समाज से अलग नहीं रह सकता। इसलिए समाज में परिवार का एक इज्जत योग्य स्थान बनाने के लिए गृहिणी को सामाजिक गुणों का विकास करना चाहिए। आस-पड़ोस से बढ़िया सम्बन्ध रखने, सामाजिक जिम्मेदारियों को अच्छी तरह निभाना, दूसरे लोगों से सहयोग करना, मुसीबत के समय किसी के काम आना, ग़रीबों से हमदर्दी रखना आदि गुण विकसित करके एक गृहिणी समाज में परिवार की इज्जत बढ़ा सकती है।

4. परिवार के सदस्यों की मानसिक बनावट को समझना- परिवार के सदस्यों का स्वभाव और मानसिकता भिन्न-भिन्न होती है जो गृहिणी हमारे परिवार के सदस्यों से एक तरह व्यवहार करती है, उसको सफल गृहिणी नहीं कहा जा सकता। इसलिए एक सफल गृहिणी को परिवार के सभी सदस्यों की मानसिकता को ध्यान में रखकर ही उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति के यत्न करने चाहिए ताकि परिवार के सभी सदस्य खुश रह सकें।

5. सहनशीलता और धैर्य- सहनशीलता और धैर्य ऐसे गुण हैं जो प्रत्येक सफल गृह प्रबन्धक में होने चाहिएं। यदि गृहिणी में इनकी कमी है तो उस घर में कभी सुख शान्ति नहीं रह सकती। गृहिणी परिवार का एक धुरा होता है। सारा परिवार अपनी आवश्यकताओं के लिए उसकी ओर देखता है और गृहिणी को प्रत्येक सदस्य की बात धैर्य से सुनकर उसका समाधान ढूंढना चाहिए। इससे घर का वातावरण ठीक रहता है। यदि गृहिणी में ही सहनशीलता की कमी है तो घर में अशान्ति और लड़ाई झगड़े होंगे और घर की बदनामी होगी और परिवार अपने उद्देश्य पूरे नहीं कर सकेगा। ऐसे वातावरण में बच्चों के व्यक्तित्व का विकास बढ़िया नहीं होगा इसलिए एक अच्छी गृहिणी को सहनशीलता और धैर्य रखने के गुण विकसित करने चाहिएं।

6. तकनीकी गुणों का विकास- आजकल विज्ञान का युग है। एक सफल प्रबन्धक के लिए घर में प्रयोग आने वाले उपकरणों की सही प्रयोग की जानकारी बहुत आवश्यक है और यह जानकारी इन उपकरणों के साथ दिए गए निर्देशों में से आसानी से प्राप्त की जा सकती है। इस जानकारी से इन उपकरणों को घर के प्रबन्ध में आसानी से प्रयोग कर सकती है और अपनी शक्ति और समय बचा सकती है।

आजकल की तेज़ रफ्तार ज़िन्दगी में प्रत्येक गृहिणी को कार या स्कूटर की ड्राइविंग भी अवश्य सीखनी चाहिए। इससे उसमें घर की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए दूसरों पर निर्भरता कम होगी। इसके अतिरिक्त बच्चों को पढ़ाने के लिए हर जानकारी प्राप्त करने के लिए कम्प्यूटर और इन्टरनेट के बारे में सीखना चाहिए।



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