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अच्छे गृह प्रबन्धक में क्या गुण होने ज़रूरी हैं?

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अच्छा गृह प्रबन्ध गृह प्रबन्धक की योग्यता पर ही निर्भर करता है। गृह प्रबन्धक के गुण और अवगुण किसी घर को स्वर्ग बना सकते हैं और किसी को नरक। घर को सामाजिक गुणों का झूला कहा जाता है। प्रत्येक इन्सान का प्रारम्भिक व्यक्तित्व घर में ही बनता है। इसलिए घर का वातावरण बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। बढ़िया पारिवारिक व्यवस्था तथा वातावरण पैदा करने के लिए गृह प्रबन्धक में निम्नलिखित योग्यताओं या गुणों का होना आवश्यक है

  1. मानसिक गुण (Psychological Qualities)
  2. शारीरिक गुण (Physical Qualities)
  3. सामाजिक और नैतिक गुण (Social and Moral Qualities)
  4. ग्रहणशीलता (Adaptability)
  5. काम में कुशलता (Efficient Worker)
  6. तकनीकी गुण (Technical Qualities)
  7. बाह्य गुण (Outdoor Qualities)

1. मानसिक गुण (Psychological Qualities)

  1. बुद्धि (Intelligence) — सफल गृहिणी के लिए बुद्धि एक आवश्यक विशेषता है। किसी मुश्किल को अच्छी तरह समझने, पूरे हालात का जायजा लेने, पहले अनुभवों से हुई जानकारी को नई समस्या के समाधान के लिए प्रयोग कर उद्देश्यों की पूर्ति करना गृहिणी की बुद्धिमत्ता पर आधारित है।
  2. ज्ञान (Knowledge) — ज्ञान भी एक साधन है। यह साधन घर को अच्छी तरह चलाने में सहायक होता है। इसके अतिरिक्त यह हमें अन्य मानवीय और भौतिक साधनों के बारे में परिचित कराता है जोकि घरेलू उद्देश्यों की प्राप्ति में सहायक होता है।
  3. उत्साह (Enthusiasm) — उत्साह बढ़िया शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का सूचक है। एक सफल गृह प्रबन्धक के लिए यह गुण बहुत आवश्यक है। यदि गृहिणी घर के काम के लिए उत्साहित होगी तो परिवार के अन्य सदस्यों पर भी अच्छा प्रभाव होता है। वे भी काम में रुचि लेते हैं। उत्साह होने से प्रत्येक काम आसान लगता है और ज्ञान-इन्द्रियों की हरकत तेज़ हो जाती है।
  4. मानवीय स्वभाव को समझने का सामर्थ्य (Ability to Understand Human Nature) — परिवार के सभी सदस्यों के स्वभाव भिन्न-भिन्न होते हैं। इस कारण ही उनकी रुचियां और आवश्यकताएं भी भिन्न-भिन्न होती हैं। गृह प्रबन्धक को इन सबका ध्यान रखना चाहिए। परिवार के सदस्यों की रुचियों, योग्यताओं और आवश्यकताओं की जानकारी, योजना बनाने और काम के विभाजन में सहायक होती है।
  5. कल्पना शक्ति (Imagination) — गृह प्रबन्ध सम्बन्धी आयोजन के लिए रचनात्मक कल्पना शक्ति का होना आवश्यक गुण है। कल्पना शक्ति से गृहिणी योजना बनाते समय ही आने वाली समस्याओं को देख सकती है और उनका हल ढूंढने में सफल हो सकती है।
  6. निर्णय लेने की शक्ति (Decision Making Power) — गृह प्रबन्ध में निर्णय लेने का बहुत महत्त्व है। ठीक निर्णय लेना प्रबन्धक की दूर दृष्टि पर निर्भर करता है और इसके लिए अच्छे तजुर्बे की भी आवश्यकता होती है। इसलिए. गृह प्रबन्धक में निर्णय लेने की शक्ति एक आवश्यक विशेषता है।

2. शारीरिक गुण (Physical Qualities) — गृहिणी के लिए शारीरिक गुणों का होना भी बहुत आवश्यक है। यदि वह निरोग और तन्दुरुस्त होगी तो अपने घर के कार्यों और उद्देश्यों को और परिवार के सदस्यों की इच्छाओं की प्राप्ति उत्साहपूर्ण कर सकती है। तन्दुरुस्ती उसको काम के लिए उत्साहित करती है। बीमार और आलसी गृहिणी अपने परिवार के उद्देश्यों की प्राप्ति में पूर्ण सफल नहीं हो सकती।

3. सामाजिक और नैतिक गुण (Social and Moral Qualities) — परिवार समाज की प्रारम्भिक इकाई है और इन्सान समाज में रहना, सामाजिक और नैतिक गुण परिवार में से ही ग्रहण करता है।

  1. दृढ़ता (Firmness) — जिस गृहिणी में यह गुण होता है वह अपने उद्देश्यों और इच्छाओं की प्राप्ति के लिए हमेशा यत्नशील रहती है। वह कठिनाइयों का बहुत हौसले और बहादुरी से सामना करने के योग्य होती है। इस गुण के परिणामस्वरूप ही वह अपने लिए गए निर्णयों की प्राप्ति के लिए हमेशा यत्नशील रहती है और सफलता प्राप्त करती है।
  2. सहयोग (Co-operation) — गृह प्रबन्धक के इस गुण से घर परिवार खुशहाल रहता है। सहयोग भाव एक दूसरे के काम करने, लेन-देन से आपसी निकटता बढ़ती है और गृहिणी का बोझ भी कम हो जाता है। सहयोग के कारण ही बहुत-से काम पूरे हो जाते हैं।
  3. प्यार, हमदर्दी और स्वःनियन्त्रण की भावना (Love, Sympathy and Self-Control) — प्यार, हमदर्दी से ही गृहिणी दूसरों का सहयोग प्राप्त कर सकती है और बच्चों के लिए आदर्श बन सकती है। एक समझदार गृहिणी में बातचीत करने के ढंग, बच्चों या छोटों को प्यार, बड़ों का सत्कार और दुःखियों से हमदर्दी होनी चाहिए। वह अपने गुणों के कारण ही परिवार की सुख-शान्ति बनाए रख सकती है।
  4. सहनशक्ति और धैर्य (Tolerance and Patience) — गृहिणी के मानवीय स्वभाव को समझते हुए सहनशक्ति और धैर्य से काम लेना चाहिए ताकि परिवार में आपसी मतभेद और तनाव पैदा न हो। परिवार में कोई दुःखदायक घटना घटने पर धीरज और हौसला रखकर शेष सदस्यों को भी धैर्य देना चाहिए ताकि परिवार संकटमयी समय से आसानी से निकल सके।

4. ग्रहणशीलता (Adaptability) — ग्रहणशीलता के गुण से गृहिणी दूसरों के ज्ञान और तजुर्बे से लाभ उठाकर अपने घर-प्रबन्ध के काम को और भी बढ़िया ढंग से चला सकती है। वैसे भी समाज परिवर्तनशील है, इसलिए गृहिणी की योजना इतनी लचकदार होनी चाहिए कि वह बदलती परिस्थितियों के अनुसार अपनी योजना और अपने आपको ढाल सके। परिस्थितियां और मानवीय आवश्यकताएं रोजाना परिवर्तित होती रहती हैं। यदि वह बदलती आवश्यकताओं और परिस्थितियों के अनुसार अपने आप को ढाल सके तभी वह आगे बढ़ सकती है।

5. काम में कुशलता (Efficient Worker) — घर का बढ़िया गृह प्रबन्ध, गृहिणी की काम में कुशलता पर निर्भर करता है। इससे काम कम समय में, कम थकावट से और अच्छे ढंग से करके खुशी मिलती है। पर यह सब तभी हो सकता है यदि गृहिणी में सिलाई, कढ़ाई, खाना बनाने, परोसने और घर की सजावट आदि के गुण होंगे।



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