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ऐमीनो अम्लों की उभयधर्मी प्रकृति को आप कैसे समझाएगे? |
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Answer» ऐमीनो अम्ल में एक कार्बोक्सिल समूह ( अम्लीय ) तथा एमीनो समूह ( क्षारीय ) समान अणु में पाए जाते हैं। -COOH समूह एक `H^(+)` खोता है एवं -`NH_(2)` समूह इसे स्वीकार करता है तथा ज्वीटर आयन ( Zwitter ion ) का निर्माण होता है। `H_(2)N-underset(R)underset(|)CH-COOH to underset("ज्वीटर आयन")(H_(3)overset(+)N-underset(R)underset(|)CH-COO^(-))` द्विध्रुवीय या ज्वीटर आयन संरचना के कारण ऐमीनो अम्ल उभयधर्मी प्रकृति के होते हैं। ऐमीनो अम्ल की अम्लीय प्रकृति `overset(+)NH_(3)` के कारण होती है तथा झारीय प्रकृति `COO^(-)` समूह के कारण होती है। `underset(" I")(H_(3)overset(+)N-underset(R)underset(|)CH)-COOH overset(H^(+))underset(OH^(-))hArrH_(3)overset(+)N-underset("ज्वीटर आयन")underset(R)underset(|)(CH)-COO^(-) overset(OH^(-))underset(H^(+))hArr underset("II")(H_(2)N-underset(R)underset(|)(CH)-COO^(-))` |
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