1.

अन्तर्राष्ट्रीयता की दो बाधाओं का उल्लेख कीजिए।

Answer»

अन्तर्राष्ट्रीयता की दो बाधाएँ निम्नवत् हैं-

1. आतंकवाद – अभी हाल ही के वर्षों में अन्तर्राष्ट्रीयता के मार्ग में एक नई और बड़ी बाधा ने जन्म लिया है, यह बाधा है—आतंकवाद और राज्य प्रायोजित आतंकवाद। जब एक राज्य या धार्मिक कट्टरता पर आधारित कोई संगठन किसी अन्य राज्य या राज्यों के प्रसंग में आतंकवादी गतिविधियों को अपनाता और प्रोत्साहित करता है तो राज्यों के आपसी सम्बन्धों में गहरे विरोध की स्थिति जन्म ले लेती है तथा वातावरण अन्तर्राष्ट्रीयता के मार्ग में एक बड़ा बाधक तत्त्व बन जाता है।
2. साम्राज्यवाद – अन्तर्राष्ट्रीयता के विकास में दूसरी बड़ी बाधा शक्तिशाली राज्यों की साम्राज्यवादी भावना है जिसका एक रूप उपनिवेशवाद कहा जा सकता है। साम्राज्यवाद राजनीतिक और आर्थिक शोषण का एक ऐसा यन्त्र है जो पिछड़े हुए देश को विकसित नहीं होने देता। डॉ० डी०एन० प्रिट (Dr. D.N. Pritt) का विचार है, “विश्वे संघ सम्बन्धी कोई भी प्रस्ताव उस समय तक सफलता के द्वार तक नहीं पहुंच सकता है, जब तक कि संसार में पूँजीवाद और साम्राज्यवाद उपस्थित है।”



Discussion

No Comment Found