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Answer» विजयवाडा, दि. xxxxx प्यारे मित्र सुदर्शन, तुम्हारा पत्र आज ही मिला। पढकर खुश हुआ। मैं यहाँ सकुशल हूँ। पिछले सप्ताह मैं अपने स्कूल के कुछ छात्रों के साथ तिरुपति गया। वहाँ के देवस्थान की धर्मशाला में हम ठहरे। भगवान बालाजी के दर्शन करके हम आनंद विभोर हो गये हैं। तिरुपति में हम दो दिन ठहरे। वहाँ हमने कोदंड रामस्वामी का मंदिर, गोविंदराजुलुस्वामी का मंदिर, पापनाशनम्, आकाशगंगा आदि देखें। उसके बाद मंगापुरम जाकर श्री पद्मावती माँ का दर्शन किया। श्री वेंकटेश्वर विश्वविद्यालय देखने भी गये। पश्चात् सीधे घर वापस आये। माताजी और पिताजी को मेरे प्रणाम कहना। तुम्हारा प्यारा मित्र, xx xxx पता: के. रमेश, गांधीनगर, पुराना गाजुवाका, विशाखपट्टणम् – 26.
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