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अपने पक्ष को असत्य जानते हुए भी बडे-बडे महारथी अकेली निहत्थी आवाज़ को अपने ब्रह्मास्त्रों से कुचल देना चाहें तब मैं रथ का टूटा हुआ पहिया उसके हाथों में ब्रह्मास्त्रों से लोहा ले सकता हूँ।कवि ने पौराणिक प्रसंग द्वारा वर्तमान समय की चर्चा की है। इस पर अपना मत लिखें। |
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Answer» बडे-बडे व्यक्ति, महान योद्धा जानते हैं कि वह जिस ओर से लड़ रहे हैं, वह अन्यायी हैं। वे अन्यायी शासक वर्ग अपनी शक्ति और अधिकार रूपी ब्रह्मास्त्र से निरायुध व्यक्ति को कुयल देना चाहते हैं। ऐसी अवसर पर मैं रथ का टूटा हुआ पहिया मानव-मूल्य बनकर निरायुध के हाथ में आ जाता हूँ और ब्रह्मास्त्रों से लोहा ले सकता हूँ। यहाँ महारथी शोषक वर्ग का और ब्रह्मास्त्र शासक वर्ग के द्वारा शक्ति और अधिकार का दुरुपयोग का प्रतीक हैं। इस कविता में महाभारत के अभिमन्यु की कहानी को प्रतीकात्मक बनाकर वर्तमानयुग की जटिलता का चित्रण किया है। I don't know the answer
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