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अयोगवाह के तीनों रूपों को उदाहरण सहित लिखिएWhose answer is corect i will mark as brainliest.​

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स्वर के तीन प्रकार होते है।(1) हृस्व स्वर(2) दीर्घ स्वर(3) प्लुत स्वरहृस्व स्वर- जिन वर्णों को बोलने में एक मात्रा का समय लगता है। उन्हें हृस्व स्वर कहते है। इनकी संख्या पाँच है।इन्हें मूल स्वर भी कहा जाता है। जो निम्न है।जैसे- अ, इ, उ, ऋ तथा लृदीर्घ स्वर– जिन वर्णों के उच्चारण में दो मात्रा का समय लगता है। उन्हें दीर्घ..स्वर कहते है।इनकी संख्या आठ है। जो निम्न है।जैसे- आ, ई, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, और औप्लुत स्वर– जिन वर्णों के उच्चारण में दीर्घ स्वर से भी अधिक समय लगता है। उन्हें प्लुत स्वर कहते है।जैसे- ओ ३, राम ३ आदि|अयोगवाह, अयोगवाह वर्ण, अयोगवाह in HINDI , अयोगवाह वर्ण किसे कहते है, संस्कृत में अयोगवाह वर्ण कितने होते ह, अयोगवाह कितने होते है, स्वर, स्वर के प्रकार, स्वर के भेद, स्वरों की संख्या, व्यं के प्रकार, व्यंजनोंोों की संख्या कितनी है, swar , swar ke prakar, swaro KI sankhya, vyanjno ki sankhya|Hope so it is helpful.. PLS follow me.. Mark me as BRAINLIEST..thankyou



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