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बच्चन जी की कविता का मूल भाव लिखिए।

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समाज के प्रति मनुष्य का दायित्व एवं विश्व के प्रति उदारवादी दृष्टिकोण इस कविता का विषय है। आज विश्व में हर जगह दुःख दर्द का ही प्रभाव है। हर्ष, उल्लास, प्रेम का भावना चाहते है। मधुर गान वाली कोकिला का गान दुःख दर्द का गान है। दुनिया के लोगों से कवि कहते है कि उसका जीवन दुःख में ही बीता है। आज जीवन के अंतिम दिनों में कवि पाठको से उनका गाना गाकर अमर करने को कहते है।



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