Saved Bookmarks
| 1. |
बचचन जी को संसार क्यों प्रिय नहीं है? |
|
Answer» कवि को यह संसार इसलिए प्रिय नहीं है क्योंकि यह अपूर्ण और अधूरा है जबकि कवि सपनों की दुनिया में खोया रहता है जहाँ कोई अभाव नहीं है। |
|