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बेकारी के चार प्रमुख लक्षण क्या हैं ? |
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Answer» बेकारी के चार प्रमुख लक्षण निम्नलिखित हैं। ⦁ इच्छा – किसी भी व्यक्ति को बेकार उस समय कहेंगे जब वह काम करने की इच्छा रखता हो और उसे काम न मिले। साधु, संन्यासी और भिखारी को हम बेकार नहीं कहेंगे, क्योंकि वे शारीरिक दृष्टि से योग्य होते हुए भी काम करना नहीं चाहते।। ⦁ योग्यता – काम करने की इच्छा ही पर्याप्त नहीं है, वरन् व्यक्ति में काम करने की शारीरिक एवं मानसिक योग्यता भी होनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति बीमार, वृद्ध या पागल होने के कारण कार्य करने योग्य नहीं है तो उसे काम करने की इच्छा होते हुए भी बेकार नहीं कहेंगे। ⦁ प्रयत्न – व्यक्ति को कार्य पाने के लिए प्रयत्न करना भी आवश्यक है। प्रयत्न के अभाव में योग्य एवं इच्छा रखने वाले व्यक्तियों को भी बेकार नहीं कह सकते। ⦁ योग्यता के अनुसार पूर्ण कार्य – व्यक्ति जिस पद एवं कार्य के योग्य है वह उसे मिलना चाहिए। उससे कम मिलने पर उसे हम आंशिक रोजगार प्राप्त व्यक्ति कहेंगे। जैसे-डॉक्टर को कम्पाउण्डर का या इन्जीनियर को ओवरसीयर का काम मिलता है तो यह आंशिक बेकारी की स्थिति है। |
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