भारत के तीव्र तथा सन्तुलित औद्योगिकीकरण की आवश्यकता के कारणों का वर्णन करें।
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उद्योगों के विकास से राष्ट्रीय आय में बड़ी तीव्र वृद्धि होती है। इतिहास इस बात का साक्षी है कि उद्योगों के विकास ने देशों की आय में वृद्धि करके निर्धनता की जंजीरों को काटा है।
उद्योगों के विकास से राष्ट्रीय आय के बढ़ने से बचतों में भी वृद्धि होती है तथा बचतें पूंजी निर्माण के लिए आवश्यक हैं। परिणामस्वरूप देश का आर्थिक विकास और तीव्र होता है।
उद्योगों के विकास से रोज़गार अवसरों में वृद्धि होती है। इससे भूमि पर जनसंख्या के दबाव को कम किया जा सकता है।
औद्योगिकीकरण कृषि विकास में सहायक सिद्ध होता है। वास्तव में, तीव्र औद्योगिकीकरण तीव्र कृषि विकास के लिए आवश्यक है।