1.

भारत में अनुसूचित जनजातियों की चार समस्याओं का वर्णन कीजिए। याभारत में अनुसूचित जनजातियों की कोई दो समस्याएँ तथा उनके समाधान के निवारण हेतु सुझाव भी दीजिए। याअनुसूचित जातियों के आरक्षण के दो आधार बताइए। याभारत में आदिवासियों की दो मुख्य समस्याएँ लिखिए तथा उनके समाधान के उपाय भी बताइए। 

Answer»

जनजातियों की दो प्रमुख समस्याएँ तथा सुझाव निम्नलिखित हैं –

1. आर्थिक शोषण – आधुनिक समय में जनजाति के लोगों को जमींदारों, व्यापारियों, साहूकारों, सरकारी कर्मचारियों के सम्पर्क में आना पड़ता है। वनों की कटाई की जा चुकी है। शहरीकरण ने इन पर सीधा प्रभाव डाला है। सभी लोग इनका आर्थिक शोषण करते रहे हैं। इनकी पैदावार को कम दामों में खरीदा जाता है। इन्हें मजदूरी भी सही प्राप्त नहीं हो पाती है। आर्थिक शोषण से बचाव के लिए कानूनों का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए तथा जनजातीय लोगों को न्यूनतम मजदूरी हर हालत में दिलाई जानी चाहिए। श्रम संघों का विकास अनिवार्य रूप से होना चाहिए।
2. शिक्षा की समस्या – अब भी जनजातीय लोगों में शिक्षा के प्रति कोई लगाव पैदा नहीं हो पाया है और उनके बच्चे शिक्षा की उपादेयता से पूर्णतः अनभिज्ञ हैं। शिक्षा उनके लिए बेमानी। हो जाती है। गरीबी के कारण वे शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। अतः शिक्षा के प्रति जागरूक न होना उनकी अनेक समस्याओं का मूल कारण है। जनजातियों में शिक्षा के प्रसार के लिए सरकार को विभिन्न प्रकार की सरकारी सहायता की घोषणा करनी चाहिए। शिक्षा को उनकी सामाजिक-आर्थिक दृष्टि से जोड़ना चाहिए तथा शिक्षा का स्वरूप ऐसा हो जो उनकी सांस्कृतिक धरोहर को बचा सके। जनजाति के लोगों को आर्थिक सहायता सभी स्तरों पर करके उनके जीवन के स्तर को सुधारने की आवश्यकता है। अनुसूचित जनजातियों (आदिवासियों) की दो अन्य समस्या निम्नवत् हैं
3. धार्मिक समस्या – जनजातियों में धर्म, जादू-टोने आदि का विशेष महत्त्व है। प्रायः बीमार व्यक्ति का इलाज टोने-टोटके से किया जाता है, परन्तु बाह्य प्रभावों एवं सामाजिक संगठनों की सक्रियता के कारण अब जादू-टोने का महत्त्व कम हो गया है। हालांकि, आदिवासियों में धर्मान्तरण की समस्या ने विकराल रूप धारण कर लिया है। देश के पूर्वोत्तर राज्यों मेघालय, मणिपुर, त्रिपुरा आदि में 70% अदिवासी जनसंख्या ईसाई धर्म अपना चुकी है।
4. आवागमन तथा संचार की समस्या – अधिकांश जनजातियों के दुर्गम भौगोलिक स्थानों में रहने के कारण उनका सम्पर्क आधुनिक समाज से बहुत कम हो जाता है। वहीं, ऐसे स्थानों पर आधुनिक संचार एवं यातायात के साधनों का विकास बहुत कम हो हुआ है।। अत: वातावरण न होने के कारण जनजातियाँ विकसित नहीं हो पाती हैं।



Discussion

No Comment Found