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भारत में समाजशास्त्र का क्या महत्त्व है?

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भारत जैसे देशों में समाजशास्त्र को अत्यंत महत्त्वपूर्ण विषय माना जाता है। ग्रामों की प्रधानता होने के नाते भारत में ग्रामोत्थान कार्यक्रमों की सफलता हेतु ग्रामीण समाज का ज्ञान होना आवश्यक है। यह ज्ञान समाजशास्त्र ही उपलब्ध कराता है। भारत में समाजशास्त्रं प्रजातांत्रिक दृष्टिकोण के विकास, औद्योगिक समस्याओं के हल, सामाजिक असमता को समझने, असामान्य एवं अपराधी व्यवहार को समझने, राष्ट्रीय एकता को बनाए रखने, अनुसूचित जातियों एवं जनजातियों सहित समाज के कमजोर वर्गों की समस्याओं के निदान तथा सामाजिक संतुलन स्थापित करने में सहायक रहा है।



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