1.

भारत में तो यह स्थिति अभी नहीं आई पर अमरीका और यूरोप के कुछ देशों में आप मरने के पहले ही अपने अंतिम संस्कार और अनंत विश्राम का प्रबंध भी कर सकते हैं – एक कीमत पर । आपकी कब्र के आसपास सदा हरी घास होगी, मनचाहे फूल होंगे । चाहें तो वहाँ फव्वारे होंगे और मंद ध्वनि में निरंतर संगीत भी । कल भारत में भी यह संभव हो सकता है । अमरीका में आज जो हो रहा है, कल वह भारत में भी आ सकता है । प्रतिष्ठा के अनेक रूप होते हैं । चाहे वे हास्यास्पद ही क्यों न हों ।1. अमरीका और यूरोप के देशों में उपभोक्तावाद एक सीमा से आगे बढ़ गया है । कैसे ? समझाइए ।2. लेखक ने भारत के विषय में क्या संभावना जताई है ?3. ‘आपकी कन के आस-पास सदा हरी घास होगी ।’ वाक्य में विशेषण व विशेष्य छाँटिये ।

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1. अमरीका और यूरोप के देशों में उपभोक्तावाद चरम सीमा पर पहुँच गया है । यहाँ मरने से पहले अपने अंतिम संस्कार और अनंत विश्राम का प्रबंध कर सकते हैं । कब्र के आसपास हरे घास, मनचाहे फूलों का इंतजाम भी करवाया जा सकता है ।

2. लेखक का मानना है कि अमरीका और यूरोप के लोग मरने से पहले ही अंतिम संस्कार और अनंत विश्राम का प्रबंध करवा लेते हैं । भारतीय लोग पश्चिम का अंधानुकरण करते हैं । ये लोग भी उन्हीं की तरह अंतिम संस्कार का प्रबंध पहले से करने लगेंगे ।

3. विशेषण + हरी
विशेष्य → घास ।



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