| 1. |
भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में गोपालकृष्ण गोखले की भूमिका का वर्णन कीजिए। |
|
Answer» गोपालकृष्ण गोखले कांग्रेस के उदारवादी नेता थे। जब से वे कांग्रेस में आये, मृत्युपर्यन्त अपनी विद्वता, नीतिमत्ता, ज्ञान और सात्विक स्वभाव के कारण उस पर छाए रहे। गाँधी जी के राजनीतिक गुरु गोखले ने 1905 ई० में बनारस अधिवेशन की अध्यक्षता की। बंगाल विभाजन तथा इसके परिणामों के बारे में ब्रिटिश जनता को अवगत कराने के लिए वे 1906 ई० में इंग्लैण्ड गए। वहाँ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1905 ई० में इन्होंने ‘सर्वेन्ट्स ऑफ इण्डिया सोसायटी’ नामक संस्था स्थापित की, जिसका मुख्य उद्देश्य भारत के राष्ट्रीय हितों का संवर्धन करना, |
|