1.

‘भारतमाता कोई सुन्दर बेबस नारी नहीं हैं !’ इस वाक्य का आशय स्पष्ट कीजिए।

Answer»

प्रायः कुछ चित्रों, कैलेन्डरों आदि में भारतमाता को एक महिला के रूप में दिखाया जाता है। जब देश पराधीन था, तब भारतमाता को एक बेबस नारी के रूप में दिखाया जाता था। वास्तव में भारतमाता तो हमारे देश की वह विशाल जनता है जो हजारों गाँवों और शहरों में रहती है। देश के करोड़ों गरीब किसान और मजदूर भारतमाता के रूप हैं। इनके सुख-दुःख, इनकी गरीबी-अमीरी भारतमाता के सुख-दुःख और गरीबी-अमीरी को दर्शाते हैं। इनके जीवन की दशा ही भारतमाता का स्वरूप है।



Discussion

No Comment Found