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भाव स्पष्ट कीजिए।क. हिति चित्त की है चूंनी गिरानी, मोह बलिंडा तूटा।ख. आँधी पीछे जो जल बूठा, प्रेम हरिजन भींनाँ। |
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Answer» क. यहाँ ज्ञान की आँधी के फलस्वरूप मनुष्य के मन का भ्रम और अज्ञान का पर्दा हट गया, जिससे मनुष्य के स्वार्थरूपी दोनों खंभे टूट गए तथा मोहरूपी बल्ली भी गिर गई। इससे उसका कामनारूपी छप्पर टूटकर बिखर गया। उसके मन की बुराइयाँ नष्ट हो गई और मन स्वच्छ हो गया। ख. ज्ञानरूपी आँधी के बाद भक्तिरूपी ज्ञान की वर्षा से मन प्रेमरूपी जल से भीग गया और भक्त आनंदित हो उठा अर्थात् ज्ञान प्राप्ति के पश्चात् मन पवित्र हो जाता है। |
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