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भक्तिकाल का परिचय अपने शब्दों में लिखिए। |
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Answer» हिन्दी साहित्य के इतिहास के द्वितीय चरण मध्यकाल के दो उपखण्ड किये गये हैं-पूर्व- मध्यकाल और उत्तरमध्यकाल। पूर्व-मध्यकाल को ही ‘भक्तिकाल’ के नाम से जाना जाता है। आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने इसका समय 1375 ई० से 1700 ई० तक माना है। इस समय तक भारत में मुस्लिम शासन स्थापित हो चुका था। मुसलमानों के अत्याचारों से पीड़ित हिन्दुओं ने ईश्वर-भक्ति की शरण ली। अब कविता राजदरबार की वस्तु न होकर ईश्वरीय भक्ति का माध्यम बन गयी। भक्ति-भावना से ओत-प्रोत रचनाओं की प्रचुरता के कारण इस काल को भक्तिकाल कहा जाता है। |
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