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भक्तिकाल को हिन्दी काव्य का स्वर्ण युग क्यों कहा जाता है? |
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Answer» भक्तिकाल में भाव, भाषा एवं शिल्प की दृष्टि से हिन्दी-साहित्य का उत्कर्ष हुआ। भावपक्ष तथा कलापक्ष के उत्कृष्ट रूप के कारण ही भक्तिकाल को हिन्दी-साहित्य का स्वर्णयुग कहते हैं। इस समय कबीर, जायसी, सूर तथा तुलसी जैसे रससिद्ध कवियों की दिव्य वाणी उनके अन्त:करण से निकलकर देश के कोने-कोने में फैली थी। यही सार्वभौम और सार्वकालिक साहित्य भक्तिकाल की अनुपम देन है। |
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