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बहुमत प्रणाली की आलोचनात्मक विवेचना कीजिए। |
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Answer» बहुमत प्रणाली बहुमत प्रणाली निर्वाचन की एक महत्त्वपूर्ण प्रणाली है। इस प्रणाली द्वारा विश्व के अनेक राष्ट्रों की संसद के लोकप्रिय सदन का निर्वाचन किया जाता है। भारत में लोकसभा तथा विधानसभा के सदस्यों का निर्वाचन इस पद्धति द्वारा ही किया जाता है। इस प्रणाली में एक-सदस्यीय निर्वाचन क्षेत्र होते हैं। सम्पूर्ण देश को विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में विभाजित कर दिया जाता है। इन निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन जनसंख्या के आधार पर किया जाता है। एक निश्चित क्षेत्र से एक प्रतिनिधि का निर्वाचन किया जाता है। निर्वाचन के लिए अनेक प्रत्याशी चुनाव मैदान में खड़े हो सकते हैं परन्तु मतदाता को केवल एक मत प्रदान करने का अधिकार होता है। निर्वाचन में डाले गए मतों में जिस उम्मीदवार को सबसे अधिक मत प्राप्त हो जाते हैं उसको निर्वाचित घोषित कर दिया जाता है। बहुमत प्रणाली की आलोचना बहुमत प्रणाली की निम्नलिखित आधारों पर आलोचना की गई है – (1) बहुमत प्रणाली यद्यपि सैद्धान्तिक रूप में स्वीकार की जाती है परन्तु व्यवहार में यह अल्पमत प्रणाली के रूप में कार्य करती है; उदाहरण के लिए यदि किसी निर्वाचन क्षेत्र में कुल डाले गए मतों की संख्या 100 है तथा 5 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं और मतों का विभाजन पाँच उम्मीदवारों में क्रमशः 30, 20, 15, 10 तथा 25 प्रतिशत है तो इस निर्वाचन में वह उम्मीदवार विजयी घोषित कर दिया जाएगा जिसे 30 प्रतिशत मत प्राप्त होते हैं। इस प्रकार से 30 प्रतिशत मत प्राप्त करने वाला व्यक्ति कुल मतों का केवल 30% मत ही प्राप्त कर पाता है तथा यह 70% ऐसे व्यक्तियों पर शासन करता है जिन्होंने इस व्यक्ति के विरोध में अपना मत दिया था। |
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