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छोड़िए इस सामग्री को । वस्तु और परिधान की दुनिया में आइए । जगह-जगह बुटीक खुल गए हैं, नए-नए डिज़ाइन के परिधान बाज़ार में आ गए हैं । ये ट्रेंडी हैं और महँगे भी । पिछल वर्ष के फ़ैशन इस वर्ष ? शर्म की बात है । घड़ी पहले समय दिखाती थी । उससे यदि यही काम लेना हो तो चार-पाँच सौ में मिल जाएगी । हैसियत जताने के लिए आप पचास साठ हज़ार से लाख-डेढ़ लाख की घड़ी भी ले सकते हैं । संगीत की समझा हो या नहीं, कीमती म्यूज़िक सिस्टम ज़रूरी है । कोई बात नहीं यदि आप उसे ठीक तरह चला भी न सकें । कम्प्यूटर काम के लिए तो खरीदे ही जाते हैं, महज़ दिखाये के लिए उन्हें खरीदनेवालों की संख्या भी कम नहीं है ।1. उपभोक्तावाद ने परिधान की दुनिया को किस तरह प्रभावित किया है ?2. महँगी घड़ियाँ और कम्प्यूटर का उल्लेख किस संदर्भ में किया गया है ?3. ‘वस्तु और परिधान की दुनिया में आइए ।’ वाक्य का कौन-सा प्रकार है ?

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1. उपभोक्तायाद ने परिधान की दुनिया को अत्यधिक प्रभावित किया है । जगह-जगह बुटीक खुल गये हैं । नये-नये डिज़ाइन के तथा महँगे परिधान बाजार में आ गये हैं । लोग नित नये फैशन के कपड़े खरीदकर पहनना चाहते हैं ।

2. महँगी घड़ियाँ और कम्प्यूटर का उल्लेख लोगों द्वारा दिखावा करने की प्रवृत्ति के संदर्भ में किया गया है । लोग हैसियत और दिखावा करने के लिए लाख-डेढ़ लाख तक की घड़ियाँ खरीदते हैं । इसी तरह से कम्प्यूटर भी लोग दिखावे के लिए खरीदते हैं, भले ही उसकी आवश्यकता न हो ।

3. यह सरल वाक्य है ।



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