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चित्र में एक वोल्ट्मीटर दर्शाए गया है जिसमे एक 2.0V और आंतरिक प्रतिरोध `0.40 Omega` का कोई सेल वोल्ट्मीटर के प्रतिरोधक तार AB पर वोलटता पात बनाये रखता है । कोई मानक सेल जो 1.02 V का अचर विद्युत वाहक बल बनये रखता है ( कुछ mA की बहुत सामान्य धाराओं के लिए ) तार की 67.3 सेमी लम्बाई पर संतुलन बिंदु देती है । मानक सेल से अति न्यून धारा लेना सुनिश्चित करने के लिए इसके साथ परिपथ में श्रेणी `600 k Omega` का एक अति उच्च प्रतिरोध इसके साथ संबद्ध किया जाता है , जिसके संतुलन बिंदु प्राप्त होने के निकट लघुपथित (Shorted) कर दिया जाता है । इसके बाद मानक सेल को किसी अज्ञात विद्युत बल के सेल से प्रतिस्थापित कर दिया जाता है । जिससे संतुलन बिंदु तार की 82.3 सेमी लम्बाई पर प्राप्त होता है । (e ) उपरोक्त स्थिति में यदि वोल्ट्मीटर के परिचालक सेल का उपयोग विद्युत वाहक बल के स्थान पर हो , तो क्या विधि फिर भी सफल रहेगी ? |
| Answer» नहीं यदि E का मान चालक सेल के वि व बल से अधिक होगा तब वोल्ट्मीटर के तार AB पर कोई संतुलन बिंदु प्राप्त नहीं होगा । | |