Classical poems in hindi plz hindi main likhna...!!!!!!
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Here your poem-
जिन मुश्किलों में मुस्कराना हो मना, उन मुश्किलों में मुस्कराना धर्म है
जिस वक्त जीना गैर मुमकिन-सा लगे, उस वक्त जीना फ़र्ज़ है इंसान का लाजिम लहार के साथ है तब खेलना जब हो समुन्दर पर नाश तूफ़ान का जिस वायु का दीपक भुजाना ध्येय हो उस वायु में दीपक जलाना धर्म है