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डाँडे तिब्बत में सबसे खतरे की जगहें हैं । सोलह-सत्रह हजार फीट की ऊँचाई होने के कारण उनके दोनों तरफ़ गीलों तक कोई गाँव-गिराँव नहीं होते । नदियों के मोड़ और पहाड़ों के कोनों के कारण बहुत दूर तक आदमी को देखा नहीं जा सकता । डाकुओं के लिए यही सबसे अच्छी जगह है । तिब्बत में गाँव में आकर खून हो जाए, तब तो खूनी को सज़ा भी मिल सकती है, लेकिन इन निर्जन स्थानों में मरे हुए आदमियों के लिए कोई परवाह नहीं करता । सरकार खुफ़िया-विभाग और पुलिस पर उतना खर्च नहीं करती और वहाँ गवाह भी तो कोई नहीं मिल सकता । डकैत पहिले आदमी को मार डालते हैं, उसके बाद देखते हैं कि कुछ पैसा है कि नहीं । हथियार का कानून न रहने के कारण यहाँ लाठी की तरह लोग पिस्तौल, बंदूक लिए फिरते हैं ।1. डाँडे के आस-पास क्यों कोई गाँव-गिराँव क्यों नहीं है ?2. तिब्बत में सबसे खतरनाक जगह कौन-सी है ? तथा यह जगह डाकुओं के लिए क्यों सबसे अच्छी जगह मानी जाती है ?3. ‘डाँडे तिब्बत में सबसे खतरे की जगहें हैं ।’ में वाक्य का कौन सा प्रकार है ? |
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Answer» 1. डाँडे तिब्बत में समुद्रतल से करीब सोलह-सत्रह हजार फीट की ऊंचाई पर होने के कारण वहाँ कोई गाँव-गिराँव नहीं है । 2. तिब्बत में डाँडे सबसे खतरनाक जगह है । यह सोलह-सत्रह हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित निर्जन स्थल है । दूर तक कोई गाँव नहीं है । हत्या या लूटपाट करने पर कोई गवाह नहीं मिलता । इसलिए डाकुओं के लिए डाँडे सबसे अच्छी जगह मानी जाती है। 3. सरल वाक्य है । |
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