1.

डायरी के रूप में लिखिए :1. किसी एक पूरे दिन के अपने अनुभव का विवरण।2. वार्षिकोत्सव में सर्वश्रेष्ठ वक्ता का पुरस्कार मिलने का आपका अनुभव।

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1. अहमदाबाद।

16 अक्तूबर, 2013

कल 16 अक्तूबर थी – नवरात्रि का पहला दिन। एक तरफ मन में उमंग और दूसरी तरफ चिंता थी। उमंग इस बात की थी कि डांडियारास देखने-खेलने को मिलेगा। वाद्यों की मधुर धुनें कानों में रस घोलेंगी। चिंता इस बात की थी कि कुछ ही दिनों में प्रथम सत्र की परीक्षाएँ होनेवाली थीं।

पहला प्रश्नपत्र अंग्रेजी का था। पता नहीं, इस विषय के प्रति मुझे क्यों अरुचि थी। थोड़ी तैयारी की थी, पर बहुत काम बाकी था। चिंता न कर क्या सब कुछ अंबा मैया पर छोड़कर निश्चिंत हो गया?

2.  मुंबई।

12 जनवरी, 2014

हमारे विद्यालय का इस वर्ष का वार्षिकोत्सव मेरे लिए एक सुनहरी यादगार घटना बन गया है। उत्सव में वक्तृत्व स्पर्धा का भी आयोजन था। विषय था “विज्ञान – शाप या वरदान?’

स्पर्धा का अंतिम वक्ता मैं था, लेकिन मुझे प्रथम पुरस्कार मिला। मित्र हैरान थे कि यह बहुत कम बोलनेवाला आज इतना धड़ाधड़ कैसे बोल रहा है। सचमुच, उस समय मेरी वाणी पर सरस्वती विराजमान हो गई थीं। शाम को पिताजी घर लौटे तो बहुत खुश थे।

उन्होंने अदालत में प्रतिवादी के वकील को अपनी दलीलों से परास्त कर दिया था। सचमुच, आज का दिन तो हमारे लिए सरस्वती का दिन ही था।



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