1.

देश में चावल की खेती का विस्तार से वर्णन कीजिए।

Answer»

चावल भारत का सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण खाद्यान्न है। भारत के दो-तिहाई लोगों का मुख्य आहार चावल ही है। इसकी उपज के लिए भौगोलिक परिस्थितियां, इसके उत्पादक राज्यों तथा इसके व्यापार का वर्णन इस प्रकार है —

भौगोलिक परिस्थितियां-चावल की खेती के लिए निम्नलिखित भौगोलिक परिस्थितियां अनकल रहती हैं —

  1. चावल उष्ण आर्द्र कटिबन्ध की उपज है। इसके लिए ऊंचे तापमान की आवश्यकता होती है। इसके लिए तापमान 25° सेंटीग्रेड से अधिक होना चाहिए। इसे काटते समय विशेष रूप से तापमान काफ़ी ऊंचा होना चाहिए।
  2. चावल के लिए अधिक पानी की आवश्यकता होती है। इसकी जड़ें पानी में डूबी रहनी चाहिएं। इसके लिए 100 सें० मी० तक की वर्षा अच्छी मानी जाती है। इसकी सफलता मानसून पर निर्भर करती है। जिन भागों में वर्षा कम होती है वहां कृत्रिम सिंचाई का सहारा लिया जाता है।
  3. चावल की खेती के लिए भी सभी कार्य हाथों से करने पड़ते हैं। अत: इसकी कृषि के लिए श्रमिकों की आवश्यकता होती है। इस कारण इसकी कृषि प्रायः उन भागों में होती है जहां जनसंख्या अधिक हो और सस्ते श्रमिक सरलता से मिल जाएं।
    चावल उत्पादक राज्य-भारत का चावल उत्पन्न करने में विश्व में दूसरा स्थान है। भारत में सबसे अधिक चावल पश्चिमी बंगाल में उत्पन्न होता है। दूसरा स्थान तमिलनाडु और तीसरा बिहार का है। कर्नाटक, झारखण्ड, केरल, असम, सिक्किम, हिमाचल प्रदेश आदि अन्य मुख्य चावल उत्पादक राज्य हैं। पंजाब और हरियाणा में भी काफ़ी मात्रा में चावल बोया जाता है। 2001-02 में भारत में लगभग 4.3 करोड़ हेक्टेयर भूमि पर चावल की बिजाई की गई थी। इस वर्ष चावल का कुल उत्पादन 8.20 करोड़ टन के लगभग था।


Discussion

No Comment Found