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देशाटन पर निबंध लिखिए : |
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Answer» देशाटन का अर्थ है देश में भ्रमण करना, घूमना। घर बसाना मानव के लिए जरूरी है। लेकिन घर की चार दीवारों में बंद रहना अहितकर है। मानव ज्ञान – पिपासु होता है। पुस्तकें, समाचार पत्र, रेडियों, दूरदर्शन, कम्प्यूटर आदि मानव के ज्ञान को विस्तृत करते हैं, मगर देशाटन एक ऐसा साधन है जो मानव के ज्ञान की परिधि को बहुत विस्तृत करता है। अतः देशाटन ज्ञानार्जन का प्रमुख साधन कहा जाता है। प्रत्येक मनुष्य में दूसरे व्यक्तियों तथा स्थानों के प्रति सहज उत्सुकता होती है। इस उत्सुकता की पूर्ति के लिए मनुष्य विभिन्न देशों की यात्रा करता है। कुछ लोग व्यापारिक कार्यों के सिलसिले में दूसरे देशों में जाते हैं और अपना कार्य करने चले जाते हैं। कुछ लोग धर्म – प्रचार के लिए जाते हैं और अपना कार्य करते हैं। कुछ लोग राजनीतिक दृष्टिकोण से यात्रा करते हैं। इस प्रकार अनेक कारण हैं। उनमें देशाटन भी एक है। आज के वैज्ञानिक और अर्थवादी युग में देशाटन का अपना एक विशेष महत्व है। पुस्तकीय ज्ञान अधूरा और अप्रत्यक्ष होता है। जब कि देशाटन के द्वारा हमारे ज्ञान का समग्र रूप होता है। इतिहास, भूगोल, विज्ञान आदि विषय बहुत ही गहन होते हैं। अगर हम उन प्रदेशों की यात्रा करते हैं तो हमारे कई संदेहों का निवारण होता है। किसी भी प्रांत या देश की जानकारी पुस्तकों में पढ़ने के बजाय वहाँ की यात्रा करके अनुभव के द्वारा अच्छी तरह जाना जा सकता है। एक ही जगह में रहनेवाला मनुष्य कूपमंडूक की तरह होता है। वह संकुचितता के दायरे में बंधा रहता है। जब कि भिन्न – भिन्न प्रांतों की यात्रा करनेवाला मनुष्य उदार और सहृदयी होता है। हम अपने ही प्रांत में रहते हैं तो दूसरे प्रांत की संस्कृति से बिलकुल अपरिचित रह जाते हैं। देशाटन लोगों को एकता के सूत्र में बाँध देता है। देशाटन जीवन की संकीर्ण भावना को दूर कर लोगों के मन में उल्लास और उत्साह का संचार करता है। लोगों को उत्साहित करके कार्योन्मुख करता है। शिक्षा प्रणाली में देशाटन को एक अविभाज्य अंग होना चाहिए। देशाटन को निरूदेश्य न मानकर विज्ञान – यात्रा मानना चाहिए। देश की सर्वतोमुखी उन्नति के लिए देशाटन बहुत ही जरूरी है। इसलिए हर देश विभिन्न प्रकार की प्रतिनिधि – मंडलियों के द्वारा देशाटन की योजनाएँ बनाता हैं। देशाटन व्यक्तिगत जीवन में ही नहीं, राष्ट्रीय जीवन में भी विज्ञान की वृद्धि में, स्नेह संपर्क की प्रगति में और बहुआयामी उन्नति में सहायक सिद्ध होता है। व्यवसायी वर्ग को देशाटन से आर्थिक लाभ होता है। कृषिकों के लिए भी देशाटन से अनेक लाभ होते हैं। वे भी देशाटन के ज्ञान से अपनी कृषि में सुधार करके अपनी स्थिति सुधारने का प्रयत्न कर सकते हैं। भारतीय पद्धति में देशाटन अर्थ, धर्म, काम और मोक्ष सभी फलों का टौता है। परमेश्वर की सौंदर्य सृष्टि में अनेक विचित्रतायें हैं और इनका ज्ञान देशाटन द्वारा प्राप्त हो सकता है। इसलिए देशाटन जीवन का धर्म है। इसके बिना जीवन की सर्वांगीण उन्नति संभव नहीं है। |
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