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देशीनामा पद्धति के अनुसार खाताबही के प्रकार बताकर प्रत्येक के बारे में समझाइए । |
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Answer» धंधे में आवश्यकता अनुसार व्यापारी व्यक्ति माल, सम्पत्ति, खर्च या उपज से संबंधित खाते खोलता है । ऐसे खातों को खाताबही कहा जाता है यह नामा का मुख्य चोपड़ा होता है जिससे सभी खाते होते हैं । खातेबही के प्रकार : देशीनामा में तीन प्रकार की खाताबही रखी जाती है : (1) सादी खाताबही (1) सादी खाताबही : जिस खाताबही में धंधे के सभी खाते रखे जाते हैं उसे सादी खाताबही कहते हैं । इस खाताबही में धंधे के व्यक्तियों के, माल सम्पत्ति के तथा उपज-खर्च के सभी खाते होते हैं इसलिए यह खाताबही हिसाबी दृष्टि से बहुत ही महत्त्वपूर्ण है । वर्ष के अन्त में इस खातों पर से उतारो तैयार कर वार्षिक हिसाब तैयार किया जाता है । (2) बैठी खाताबही या. ठाम खाताबही : जहाँ व्यवसाय सीमित हो ऐसे छोटे व्यापारी उधार खरीद-बिक्री को उधार बही या जमा बही में लिखने के बदले सीधे ही लेनदार या देनदार के खातों में खतौनी की जाती है । इस प्रकार उधार खरीद-बिक्री के व्यवहार सीधे जिस बही में लिखे जाते हैं उसे बैठी खाताबही या ठाम खाताबही कहते हैं । इस प्रकार बैठी खाताबही रोजमेल और खाताबही दोनों की आवश्यकता की पूर्ति करती है । ऐसी खाताबही रखने का मुख्य उद्देश्य देना-लेना की स्पष्ट जानकारी मिले तथा प्रतिमास कितनी वसूली होगी तथा सामने कितनी रकम चुकानी होगी यह आसानी से निश्चित करना है । ऐसी खाताबही का अब खास उपयोग नहीं होता है । (3) हस्ताक्षर खाताबही (सामा दस्कत की खाताबही) : सामान्यतः शराफ या धिरनार का व्यवसाय करनेवाले व्यापारी इस खाताबही का उपयोग करते हैं । इस खाताबही में उधार रकम लेनेवाले प्रत्येक व्यक्ति का खाता खोला जाता है । उसमें उधार दी गई रकम, मिति, तारीख, वार, धिराण की शर्ते जैसे कि ब्याज की दर, हप्ते चुकाने की जानकारी, हप्ता लेट चुकाया जाए तो दंडनिय ब्याज, जामिनगिरी के रूप में रखी सम्पत्ति, दस्तावेज वगेरे दर्शाया जाता है । रकम के प्रमाण में रेवन्यु स्टेम्प लगाकर उस रकम पर उधार लेनेवाले व्यक्ति की सही करवाई जाती है । इस प्रकार सामनेवाले व्यक्ति की सही लेने से इस बही को हस्ताक्षर खाताबही या सामा दस्कत की खाताबही कहते हैं । |
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