1.

धीरे-धीरे सब कुछ बदल रहा है । एक नयी जीवन-शैली अपना वर्चस्व स्थापित कर रही है । उसके साथ आ रहा है एक नया जीवन-दर्शन-उपभोक्तावाद का दर्शन । उत्पादन बढ़ाने पर जोर है चारों ओर । यह उत्पादन आपके लिए है; आपके भोग के लिए है, आपके सुख के लिए है । ‘सुख’ की व्याख्या बदल गई है । उपभोग-भोग ही सुख्ख है । एक सूक्ष्म बदलाव आया है नई स्थिति में । उत्पाद तो आपके लिए हैं, पर आप यह भूल जाते हैं कि जाने-अनजाने आज के माहौल में आपका चरित्र भी बदल रहा है और आप उत्पाद को समर्पित होते जा रहे हैं ।1. नई जीवनशैली में किस बात पर जोर दिया जा रहा है ? क्यों ?2. आज सुख की व्याख्या क्या है ?3. माहौल एवं वर्चस्व शब्द का समानार्थी शब्द लिखिए ।

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1. नई जीवन शैली में उत्पादन पर बहुत जोर दिया जा रहा है । लोगों के उपभोग की वस्तुओं में निरंतर वृद्धि होती जा रही है । इन आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए उत्पादन पर जोर दिया जा रहा है ।

2. आज सुख की व्याख्या बिलकुल बदल गई है । आज के अनुसार नित नये प्रसाधनों का उपभोग करना, आधुनिक वरों का भोग करना ही सुख कहलाता है ।

3. माहौल – वातावरण
वर्चस्व – प्रधानता या दबदबा



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