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Dialogue writing between my favourite sportsperson in hindi |
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Answer» सर, स्कूल की ओर से मैं आपका स्वागत करता हूँ।गावस्कर : धन्यवाद।रोहन : सर, अपने क्रिकेट में इतना नाम कमाया है। कैसे?गावस्कर : देखो बेटे, यदि व्यक्ति अपनी रुचि के क्षेत्र में मन लगाकर मेहनत करे तो वह अवश्य सफल होता है। बचपन मे जब मैं स्कूल में पड़ता था तो मेरी क्रिकेट में बहुत रुचि थी। मैं पढ़ाई के साथ-साथ क्रिकेट पर भी मेहनत करता था।रोहन : सर, आपके कहने का मतलब है कि मेहनत ही आपकी सफलता का राज़ है ?गावस्कर : जी बेटे! हमें निष्ठावान होकर लक्ष्य प्राप्ति के लिए साधना करनी पड़ती है, तभी तो सफलता मिलती है।रोहन : सर, स्कूली जीवन में आपको शिक्षकों या माता-पिता की डाँट तो पड़ती होगी ?गावस्कर : खूब डाँट पड़ती थी, लेकिन हमें अब समझ आता है कि बड़े जब डाँटते हैं तो वे हमारे भविष्य को उज्ज्वल बनाने के लिए डाँटते हैं। दिल से वे आपका भला चाहते हैं। फिर अनुशासन भी तो ज़रूरी है।रोहन : सर, आपका बहुत-बहुत धन्यवाद, अपने हमें बहुत उपयोगी बातें बताईं। बस, गुरुमंत्र दे दिया। धन्यवाद !HOPE this HELPS |
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