1.

द्रव्यमान m का एक आवेशित कण (आवेश q ) l लम्बाई के किसी हल्के अवितानय (inextensible ) धागे से बंधा है तथा दूसरा सिरा बिन्दु O से बंधा है। सम्पूर्ण व्यवस्था किसी चिकने क्षैतिज तल पर स्थित है (चित्र 2.2 )। प्रारम्भ में कोण की स्थिति A पर है और उसी समय एकसमान विधुत-क्षेत्र `vecE,OB` दिशा के समान्तर स्थापित किया जाता है। A. बिन्दु B पर कण की चाल `=sqrt((qEl)/(m))`B. बिन्दु B पर कण की चाल `=sqrt((2qEl)/(m))`C. बिन्दु B पर धागे में तनाव शून्य हैD. बिन्दु B पर धागे में तनाव 2qE है

Answer» Correct Answer - A::D
विधुत-क्षेत्र द्वारा किया गया कार्य, `W=(qE)(AB)(cos60^(@)),` कार्य-ऊर्जा प्रमेय से `1/2mv^(2)1/2qEl,` फिर बिन्दु B पर आवश्यक अभिकेन्द्र बल `(mv^(2))/(l) =`तनाव (T)-qE.


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