1.

एक जंगि मे एक फ ूि खखिा था । इसी के पासिािी पगिंडी पर एक बदढ़यापत्थर पड़ा हुआ था । िोग जब उस पत्थर ऊपर परै रखकर जाते तो फूि उसकीइस हाित पर बहुत हाँसता । एक दिन एक मनूतकम ार िहां से गुजरा । िह उसपत्थर को अपने घर िे गया और उससे एक संिुर भगिान की मनूतम बना िी ।कुछ दिन के बाि िही फूि ककसी पजुारी के द्िारा तोड़ लिया गया और उसी मनूतमके चरणों मे चढ़ाया गया । उसी समय मनूतम ने कहा - िो भी एक दिन था जब तुम मेरी हाित पर हाँसते थे और आज तमुमेरे परैों में चढ़ाए गए हो । इस गद्यांश से हमे क्या लसख लमिती है?​

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i do not KNOW HINDI so i cannot GIVE this ANSWER



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