| 1. |
एउटै शब्दमा दुई वा दुईभन्दा बढ़ता अर्थ लुकेको भए कुन अंलकार हुन्छ ? |
|
Answer» Answer: Explanation: इन्द्रबहादुर राई (3 फ़रवरी 1927 - 6 मार्च 2018) नेपाली मूल के दार्जिलिंग निवासी भारतीय साहित्यकार थे। उनका नेपाली साहित्य और भाषा में योगदान अविस्मरणीय है। इन्हें नेपाली भाषा और साहित्य में उत्कृष्ट योगदान हेतु साहित्य अकादमी पुरस्कार के साथ-साथ अन्य अनेकों सम्मनों से विभूषित किया गया है। राई नेपाली भाषा के अत्यंत प्रतिभावान लेखकों में से एक हैं। उनके सृजन में पारंपरिक और आधुनिक दोनों तकनीक शामिल है जो साहित्यिक शैलियों की एक विस्तृत श्रृंखला का उपयोग करती है।[1][2] इनके द्वारा रचित एक समालोचना नेपाली उपन्यास का आधारहरू के लिये उन्हें सन् 1977 में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।[3] कृतियाँ आज रमिता छ (उपन्यास, सन् 1964) विपना कतिपय (कथासंग्रह, सन् 1961) कठपुतलीको मन (निबन्धसंग्रह, सन् 1989) कथास्था (कथासंग्रह, सन् 1972) सेतो ख्याकको बनोट र बुनोट (समालोचना, वि. सं. २०६३) टिपेका टिप्पणीहरू (समालोचना संग्रह, सन् 1966) नेपाली उपन्यासका आधारहरू (समालोचना संग्रह, सन् 1974) सन्दर्भमा ईश्वरबल्लभका कविता (समालोचना, सन् 1976) साहित्यको अपहरण. मार्क्सवादी प्रतिवद्धता (समालोचना, सन् 1983) दार्जीलिङमा नेपाली नाटकको अर्धशताब्दी (सन् 1984) पहाड र खोला (निबन्धसंग्रह, सन् 1993) अर्थहरूको पछिल्तिर (समालोचना, सन् 1994) पृष्ठ पृष्ठ (समालोचना, सन् 1995) लेखहरू र झ्याल (निबन्धसंग्रह, सन् 2000) लीला प्रस्तावना (समालोचना, वि. सं. २०५९) पुरस्कार/सम्मान विगत 45 वर्षों से निरंतर नेपाली साहित्य साधना में रत राई ने कथा, उपन्यास, निबंध, आलोचना, आदि विधाओं में उत्कृष्ट लेखन किया है। नेपाली साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हे जगदम्बाश्री पुरस्कार से विभूषित किया गया। 1975 में उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।[4] |
|