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गाँधी जी और नेपोलियन के बारे में परिचय प्राप्त कीजिए। |
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Answer» गाँधीजी महात्मा गाँधी का नाम केवल भारत में ही नहीं, सारे संसार में प्रसिद्ध है। उनका नाम मोहनदास करमचंद गाँधी था। उनकी माता का नाम पुतलीबाई था। उनका जन्म गुजरात के पोरबंदर शहर में 2 अक्तूबर, 1869 को हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा राजकोट में हुई। फिर वे इंग्लैंड जाकर बैरिस्टर बने। गाँधीजी ने भारत में अंग्रेज सरकार के अत्याचारों के विरुद्ध सत्याग्रह आंदोलन चलाया। गाँधीजी के प्रयत्नों से सदियों से गुलाम भारत को स्वतंत्रता मिली। गाँधीजी ने हिन्दुओं और मुसलमानों की एकता के लिए काम किया। उन्होंने हरिजनों की दुर्दशा सुधारने के लिए भरसक प्रयत्न किए। उन्होंने खादी – प्रचार, ग्रामसुधार, स्त्री शिक्षा जैसे कई महत्त्वपूर्ण कार्य किए। उन्होंने जीवनभर हमारे देश की सेवा की, इसलिए वे हमारे देश के ‘राष्ट्रपिता’ कहलाए। गाँधीजी सत्य, प्रेम और अहिंसा के पुजारी थे। वे सरलता और सादगी की मूर्ति थे। वे बच्चों को बहुत प्यार करते थे। 30 जनवरी, 1948 के दिन गाँधीजी की हत्या हो गई। मरते समय गाँधीजी के मुख से ‘हे राम’ शब्द निकला था। आज गाँधीजी हमारे बीच नहीं है, फिर भी उनके महान कार्य हमें हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे। नेपोलियन बोनापार्ट नेपोलियन बोनापार्ट फ्रांस का शासक था। उसका जन्म 15 अगस्त, 1769 में हुआ था। पहले वह सेनापति था, परंतु क्रांति के बाद वह सम्राट बन गया। उसने फ्रांस के आसपास के कई देश जीत लिए। 1812 में उसने रूस पर आक्रमण किया, किंतु भयंकर ठंड में उसके बहुत से सैनिक मारे गए और आखिर उसे वापस लौटना पड़ा। 1815 में वाटर लू के युद्ध में उसकी बुरी तरह पराजय हुई। उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसे बन्दी बनाकर सेन्टहेलना टापू में रखा गया। वहीं 6 वर्ष के बन्दी जीवन में उसकी मृत्यु हुई। नेपोलियन की गिनती विश्व के महान सेनापतियों में की जाती है। |
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