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गाँधी जी की ऐतिहासिक डांडी यात्रा के विषय में लिखिए। |
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Answer» सविनय अवज्ञा आन्दोलन का प्रारम्भ डांडी यात्रा की ऐतिहासिक घटना से हुआ। इसमें गाँधी जी और गुजरात विद्यापीठ तथा साबरमती आश्रम के 78 सदस्यों ने भाग लिया। 12 मार्च, 1930 ई० को गाँधी जी ने अपने इन 78 सहयोगियों के साथ साबरमती आश्रम से डांडी के लिए प्रस्थान किया। 200 मील की दूरी पैदल ही 24 दिन में तय की गई। स्थान-स्थान पर हजारों नर-नारियों ने सत्याग्रह दस्ते का जय-जयकार किया। सरदार पटेल, जो गाँव का दौरा कर जनता को सजग कर रहे थे, की गिरफ्तारी और सजा ने जनता को भड़का दिया। इस ऐतिहासिक यात्रा का उल्लेख करते हुए बाम्बे क्रॉनिकल ने लिखा था- “इस विशद् राष्ट्रीय घटना के पूर्व, उसके साथ-साथ तथा उसके बाद भी जो दृश्य देखने में आए, वे इतने उत्साहपूर्ण, शानदार और इतने जीवन्त थे कि वर्णन नहीं किया जा सकता। ….. यह एक शानदार आन्दोलन का प्रारम्भ है और निश्चय ही भारत के राष्ट्रीय स्वतन्त्रता के इतिहास में इसका महत्वपूर्ण स्थान होगा।” 5 अप्रैल, 1930 ई० को गाँधी जी डांडी पहुँचे तथा 6 अप्रैल को आत्म-शुद्धि के उपरान्त उन्होंने समुद्र के पानी से नमक बनाकर नमक कानून को भंग किया। इस प्रकार गाँधी जी ने नमक कानून का उल्लंघन कर सत्याग्रह का प्रारम्भ किया। |
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