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गुरुदेव द्वारा मैना को लक्ष्य करके लिखी कविता के मर्म को लेखक कब समझ पाया ? |
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Answer» गुरुदेव ने लेखक को पहली बार मैना को दिखाते हुए कहा कि “देखते हो, यह यूथभ्रष्ट है। रोज फुदकती है यहीं आकर। मुझे इसकी चाल में एक करुणभाव दिखाई देता है। इससे पहले लेखक का मानना था कि मैना करुणभाव दिखानेवाला पक्षी है ही नहीं। वह तो दूसरों पर अनुकंपा ही दिखाया करती है। लेखक ने साक्षात् मैना को देखा तब वह कविता के मर्म को समझ पाया। |
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