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गुरुदेव ने अगर कह न दिया होता तो मुझे उसका करुण-भाय एकदम नहीं दिखता। मेरा अनुमान था कि मैना करुण भाव दिखानेवाला पक्षी है ही नहीं। वह दूसरों पर अनुकंपा ही दिखाया करती है। तीन-चार वर्ष से मैं एक नए मकान में रहने लगा हूँ मकान के निर्माताओं ने दीवारों में चारों ओर एक-एक सुराख्न छोड़ रही है। यह कोई आधुनिक वैज्ञानिक खतरे का समाधान होगा। सो, एक मैना-दंपत्ति नियमित भाव से प्रतिवर्ष यहाँ गृहस्थी जमाया करते हैं, तिनके और चिथड़ों का अंबार लगा देते हैं। भलेमानस गोबर के टुकड़े तक ले आना नहीं भूलते। हैरान होकर हम सुराणों में ईंटें भर देते हैं, परंतु चे खाली बची जगह का भी उपयोग कर लेते हैं।1. मैना के विषय में लेखक का क्या अनुमान था ? क्यों ?2. मैना दंपत्ति कहाँ प्रतिवर्ष अपनी गृहस्थी जमाया करते हैं ?3. लेखक और उनका परिवार मैना दंपत्ति से क्यों परेशान हो उठते हैं ? |
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Answer» 1. मैना के विषय में लेखक का यह अनुमान था कि मैना करुण भाव दिखानेवाला पक्षी है ही नहीं। क्योंकि वह दूसरों पर अनुकंपा ‘दिखाया करती है। 2. लेखक एक नये मकान में रहने गये थे। मकान के निर्माताओं ने दीवारों के चारों ओर एक-एक सुरान छोड़ रखी है। उसी में मैना दंपत्ति अपनी गृहस्थी जमाया करते थे। 3. मैना दंपत्ति ने लेखक के घर के दीवारों में हुए छेद में अपना डेरा जमाया था। थे उसमें तिनके व चीथड़ों का अंबार लगा देते थे। वे गोबर के टुकड़े तक ले आते थे। इसलिए लेखक के परिवार के लोग मैना दंपत्ति से परेशान हो उठते थे।। |
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