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"हमारे हरि हरिल की लकरी" पद में निहित प्रमुख भाव लिखिए । |
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Answer» इस पंक्ति में गोपिया कहती है कि हमने श्री कृष्ण को इस प्रकार प्रेम बंधन में जकड़ लिया है जैसे कि हरियल पक्षी लकड़ी को अपने पैरों में जकड़ लेता हैHope it HELPS.. |
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