| 1. |
How was the king’s justice fair?राजा का निर्णय किस प्रकार से निष्पक्ष होता था? |
|
Answer» In the king’s method of justice crime was decided by the two doors-the tiger or the lady behind them each.The tiger punished the accused and the lady rewarded him. Everything was dependent on the chance or fate.The tiger or the lady did come out of the same door every time. Nobody was sure what would happen at the next moment. Still people were happy because justice was done instantly. राजा के न्याय विधान के अनुसार अपराध का निर्णय दो दरवाजों के माध्यम से होता था कि वह दोषी है। अथवा निर्दोष, जिसमें से एक के पीछे बाघ होता था तो दूसरे के पीछे नारी। बाघ उस दोषी व्यक्ति को सजा देता था जबकि नारी पुरस्कार के रूप में होती थी। सब कुछ भाग्य अथवा अवसर पर निर्भर करता था। बाघ अथवा नारी कभी भी एक ही दरवाजे से निकल कर बाहर आए यह आवश्यक नहीं था। कोई भी इस बात को लेकर आश्वस्त नहीं था कि अगले क्षण क्या होने वाला है। इसके बावजूद लोग खुश होते थे कि आने वाले क्षण में न्याय होने वाला है। |
|